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हिमाचल प्रदेश में स्टांप शुल्क पता करें: Himachal Pradesh Stamp Duty 2025

Himachal Pradesh Stamp Duty: हिमाचल प्रदेश, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहां के शानदार दृश्य और शांत वातावरण में लोग अपनी ज़िंदगी के सुखद क्षण बिताने के लिए आते हैं। अब, क्या हो अगर आप भी हिमाचल प्रदेश में अपनी खुद की संपत्ति खरीदने का सोच रहे हैं? अगर हां, तो आपको इस राज्य में संपत्ति खरीदने से पहले संबंधित सर्किल रेट, स्टांप ड्यूटी शुल्क और रजिस्ट्रेशन शुल्क की जानकारी प्राप्त करना जरूरी है।

जब संपत्ति को सरकारी रजिस्टर में दर्ज करवाया जाता है, तो उस पर राजस्व कर लगाया जाता है, जिसे स्टांप ड्यूटी के रूप में जमा करना आवश्यक होता है। हिमाचल प्रदेश में स्टांप ड्यूटी की गणना और भुगतान की प्रक्रिया के बारे में हम इस लेख में विस्तार से जानकारी प्रदान करेंगे। इस लेख को ध्यानपूर्वक पढ़ें और इसमें दी गई जानकारी का पालन करें, ताकि आप इस प्रक्रिया को सही तरीके से समझ सकें।

Himachal Pradesh Stamp Duty

भारत के अधिकांश राज्यों में संपत्ति पंजीकरण के दौरान स्टांप ड्यूटी शुल्क के रूप में राज्य सरकार को राजस्व कर चुकाना अनिवार्य होता है। विभिन्न राज्यों में यह शुल्क 3% से लेकर 6% तक होता है, और कुछ राज्यों में यह 7% तक भी हो सकता है। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में 6% स्टांप ड्यूटी निर्धारित है। यदि संपत्ति का पंजीकरण महिला के नाम पर किया जा रहा है, तो उन्हें 2% की छूट दी जाती है, जिससे महिलाओं के नाम पर 4% स्टांप ड्यूटी शुल्क लिया जाता है।

HP Stamp Duty शुल्क की गणना उस क्षेत्र के सर्किल रेट्स (Circle Rates) के आधार पर की जाती है। जिन क्षेत्रों में सर्किल रेट्स अधिक होते हैं, वहां खरीदार को अधिक राजस्व कर चुकाना होता है।

Himachal Pradesh Stamp Duty

लेख स्टांप ड्यूटी और रजिस्टर शुल्क
राज्य हिमाचल प्रदेश
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हिमाचल राजस्व विभाग पोर्टल https://himachal.nic.in/

 

हिमाचल प्रदेश में संपत्ति पंजीकरण शुल्क क्या है?

हिमाचल प्रदेश में संपत्ति पंजीकरण शुल्क राजस्व विभाग द्वारा पहले से निर्धारित किया गया है। सर्किल रेट, स्टांप ड्यूटी और संपत्ति पंजीकरण शुल्क, ये सभी पहलू प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के दौरान खरीदार को ध्यान में रखना आवश्यक हैं, ताकि संपत्ति पंजीकरण के खर्च का सही अनुमान पहले से लगाया जा सके।

हिमाचल प्रदेश राजस्व विभाग द्वारा पंजीकरण शुल्क के रूप में 2% शुल्क लिया जाता है, जिसका अधिकतम सीमा ₹25,000 निर्धारित की गई है। वहीं, महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीकरण कराने पर ₹15,000 पंजीकरण शुल्क लिया जाता है।

हिमाचल प्रदेश में स्टांप ड्यूटी और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन शुल्क क्या है?

राज्य में स्टांप ड्यूटी और प्रॉपर्टी पंजीकरण शुल्क पहले से निर्धारित किए गए हैं, हालांकि समय-समय पर इनमें बदलाव संभव है। हम 2021-22 के सत्रांक के अनुसार आपके सामने एक सारणी प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसमें दरों में समय-समय पर बदलाव किए जा सकते हैं। फिलहाल, वर्तमान में लागू दरें इस प्रकार हैं:-

Property Owner Himachal Stamp Duty HP Stamp & Registry Charge
पुरुष 6 प्रतिशत 2 प्रतिशत, अधिकतम राशि रु 25,000
महिला 4 प्रतिशत 2 प्रतिशत, अधिकतम राशि रु. 15,000
संयुक्त (पुरुष + महिला) 5 प्रतिशत 2 प्रतिशत, अधिकतम राशि रु. 15,000

 

हिमाचल के समस्त जिलों की लिस्ट जिनका स्टांप ड्यूटी निर्धारित किया जा चुका है:-

Bilaspur | बिलासपुर
Chamba | चंबा
Hamirpur | हमीरपुर
Kangra | कांगड़ा
Kinnaur | किन्नौर
Kullu | कुल्लू
Lahaul | लाहौल
Mandi | मंडी
Shimla | शिमला
Sirmaur | सिरमौर
Solan | सोलन
Una | ऊना

FAQ’s: Himachal Pradesh Stamp Duty | हिमाचल प्रदेश में स्टांप शुल्क पता करें

Q. हिमाचल प्रदेश में स्टांप ड्यूटी क्या है?
हिमाचल प्रदेश में स्टांप ड्यूटी 6% है, जिसे संपत्ति के पंजीकरण के समय राज्य सरकार को चुकाना होता है। अगर संपत्ति का पंजीकरण महिला के नाम पर किया जा रहा है, तो 2% की छूट मिलती है और महिलाओं के लिए स्टांप ड्यूटी 4% होती है।

Q. क्या महिलाओं को स्टांप ड्यूटी में छूट मिलती है?
हां, महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीकरण करने पर उन्हें 2% की छूट मिलती है, और उन्हें केवल 4% स्टांप ड्यूटी देनी होती है।

Q. हिमाचल प्रदेश में स्टांप ड्यूटी की गणना कैसे होती है?
स्टांप ड्यूटी की गणना सर्किल रेट्स के आधार पर की जाती है। यदि सर्किल रेट्स अधिक होते हैं, तो स्टांप ड्यूटी भी अधिक होगी।

Q. क्या सर्किल रेट्स हर क्षेत्र में अलग होते हैं?
हां, हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सर्किल रेट्स अलग-अलग होते हैं। अधिक सर्किल रेट्स वाले क्षेत्रों में स्टांप ड्यूटी भी अधिक चुकानी होती है।

Q. हिमाचल प्रदेश में संपत्ति पंजीकरण शुल्क क्या है?
हिमाचल प्रदेश में पंजीकरण शुल्क 2% है, जिसका अधिकतम सीमा ₹25,000 है। महिलाओं के लिए यह शुल्क ₹15,000 तक होता है।

Q. क्या संयुक्त नाम पर संपत्ति पंजीकरण पर स्टांप ड्यूटी में कोई फर्क पड़ता है?
हां, अगर संपत्ति पंजीकरण संयुक्त रूप से पुरुष और महिला के नाम पर किया जा रहा है, तो स्टांप ड्यूटी 5% होगी और पंजीकरण शुल्क 2% रहेगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹15,000 है।

Q. हिमाचल प्रदेश के किन जिलों में स्टांप ड्यूटी लागू है?
हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में स्टांप ड्यूटी लागू है, जिनमें बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना शामिल हैं।

Q. क्या स्टांप ड्यूटी में समय-समय पर बदलाव हो सकता है?
हां, स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क में समय-समय पर बदलाव हो सकता है, इसलिए इसकी ताजगी के लिए संबंधित विभाग से जानकारी प्राप्त करना चाहिए।

Q. हिमाचल प्रदेश में स्टांप ड्यूटी की राशि का भुगतान कैसे किया जाता है?
स्टांप ड्यूटी की राशि आमतौर पर सरकारी बैंकों में भुगतान की जाती है और इस भुगतान की रसीद को संपत्ति पंजीकरण के दौरान प्रस्तुत करना होता है।

Q. क्या हिमाचल प्रदेश में स्टांप ड्यूटी के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है?
हां, हिमाचल प्रदेश में स्टांप ड्यूटी और संपत्ति पंजीकरण शुल्क के भुगतान के लिए ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध है। आप इसे राज्य के राजस्व विभाग की वेबसाइट के माध्यम से चुकता कर सकते हैं।

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