Stamp Duty in Maharashtra 2025: आपने महाराष्ट्र में संपत्ति खरीदने और अपने सपनों का घर बनाने का जो निर्णय लिया है, वह वास्तव में सराहनीय है। अब यह भी ज़रूरी है कि इस संपत्ति के रजिस्ट्रेशन पर होने वाले खर्चों की जानकारी भी आपको हो। महाराष्ट्र में संपत्ति रजिस्ट्रेशन के दौरान स्टांप ड्यूटी का शुल्क लिया जाता है, जो उस क्षेत्र की निर्धारित रेडी रेकनर दर पर आधारित होता है। इसके साथ ही, आपको प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन फीस का भी भुगतान करना होता है।
महामारी के समय, Maharashtra Stamp Duty Rates और Maharashtra Property Registration Charges में दो से तीन प्रतिशत की छूट दी गई थी, लेकिन अब वह छूट समाप्त कर दी गई है। वर्तमान में, महाराष्ट्र के नोंदणी और मुद्रांक विभाग द्वारा अधिकतम 6% स्टांप ड्यूटी शुल्क लिया जाता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतम 4% Stamp Duty निर्धारित है। आइए, अब महाराष्ट्र में स्टांप ड्यूटी शुल्क के बारे में विस्तार से जानते हैं।
महाराष्ट्र में स्टांप ड्यूटी शुल्क कितना है? | Stamp Duty in Maharashtra 2025
महामारी के दौरान, 31 दिसंबर 2020 तक महाराष्ट्र के मुंबई क्षेत्र में स्टांप ड्यूटी शुल्क को 3% कर दिया गया था। यह छूट 31 मार्च 2021 तक प्रभावी रही, जिसके बाद इसे वापस बढ़ाकर 5% कर दिया गया है। अब, मुंबई क्षेत्र में स्टांप ड्यूटी शुल्क 5% निर्धारित है। इसी प्रकार, महाराष्ट्र के अन्य क्षेत्रों में स्टांप ड्यूटी में 1.5% की छूट दी गई थी, जिसे अब बहाल करके 4% कर दिया गया है। वर्तमान में, महाराष्ट्र नोंदणी एवं मुद्रांक विभाग द्वारा मुंबई शहर में 5% और ग्रामीण क्षेत्रों में 4% स्टांप ड्यूटी शुल्क लागू किया जा रहा है।
महाराष्ट्र में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन शुल्क कितना है? Maharashtra Property Registration Charge
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन चार्ज के रूप में महाराष्ट्र सरकार द्वारा लिमिट निर्धारित की गई है। यदि कोई संपत्ति 30 लाख तक की कीमत रखती है। तो रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में 1% का भुगतान करना होगा। ₹30 लाख से अधिक संपत्ति मूल्य होने पर ₹30 हजार रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में देने होंगे।
महाराष्ट्र में स्टांप ड्यूटी और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन चार्ज कितना है?
वर्तमान में महाराष्ट्र स्टांप ड्यूटी और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन शुल्क की बात करें तो मुंबई (Stamp Duty in Mumbai) और उपनगरों में स्टांप ड्यूटी 5% है। अन्य शहरी क्षेत्रों में यह शुल्क 6% है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 4% स्टांप ड्यूटी लागू है। पंजीकरण शुल्क की बात करें तो ₹30 लाख तक की संपत्ति पर 1% शुल्क लिया जाता है, जबकि ₹30 लाख से अधिक मूल्य की संपत्ति के लिए यह शुल्क ₹30,000 तक सीमित है। महाराष्ट्र में स्टांप ड्यूटी शुल्क की विस्तृत जानकारी इस प्रकार है:
स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क महाराष्ट्र | Stamp Duty in Maharashtra 2025
क्षेत्र (Area) | 1 अप्रैल 2021 से महाराष्ट्र में स्टांप ड्यूटी |
मुंबई और उसके उपनगर (Stamp Duty in Mumbai) | 5 प्रतिशत |
महाराष्ट्र के अन्य शहरी क्षेत्र | 6 प्रतिशत |
ग्रामीण महाराष्ट्र | 4 प्रतिशत |
स्टांप ड्यूटी शुल्क की गणना कैसे करें? ( Stamp Duty in Maharashtra 2025 )
यदि आप महाराष्ट्र राज्य के किसी भी क्षेत्र में संपत्ति विलेख (Property Deed) के आधार पर स्टांप ड्यूटी कैलकुलेट करना चाहते हैं, तो नीचे दी गई प्रक्रिया को ध्यानपूर्वक फॉलो करें। यह प्रक्रिया महाराष्ट्र के नोंदणी एवं मुद्रांक विभाग के IGR SARATHI पोर्टल पर उपलब्ध है। यदि आप मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से स्टांप ड्यूटी की गणना करना चाहते हैं, तो इस वेबसाइट से एप्लिकेशन भी डाउनलोड कर सकते हैं। आइए, अब स्टांप ड्यूटी कैलकुलेशन की प्रक्रिया को विस्तार से समझते हैं।
- सबसे पहले IGR SARATHI पोर्टल पर विजिट करें।
- वेबसाइट पर दिखाई दे रहे Stamp Duty Calculator पर क्लिक करें।
- Property Deed का चुनाव करें।
- प्रॉपर्टी अधिग्रहण क्षेत्र का चुनाव करें।
- क्षेत्रीय संपत्ति अधिकरण का चुनाव करें।
- प्रतिफल राशि (Consideration Amount) दर्ज करें।
- मार्केट मूल्य दर्ज करें।
- और सर्च पर क्लिक करें।
आप उस क्षेत्र के स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन खर्च की जानकारी प्राप्त कर पाएंगे।
Maharashtra Stamp Duty का ऑनलाइन भुगतान कैसे करें?
महाराष्ट्र राज्य के GRAS ऑफिशल पोर्टल पर स्टांप ड्यूटी शुल्क का ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। भुगतान करने से पहले इस पोर्टल पर आपको रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए नीचे दी गई प्रक्रिया फॉलो कर सकते हैं।
- सर्वप्रथम महाराष्ट्र के GRAS पोर्टल पर विजिट करें।
- वेबसाइट होम पेज पर दिखाई दे रहे New User Registration पर क्लिक करें।
- फॉर्म में पूछी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक दर्ज करें।
- पोर्टल पर आप रजिस्ट्रेशन कर पाएंगे और यूजर नेम पासवर्ड की मदद से पोर्टल पर लॉग इन कर पाएंगे।
NOTE:- यदि आप पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं करना चाहते हैं। तो भी स्टांप ड्यूटी शुल्क का ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं।
- IGR डिपार्टमेंट का चुनाव करें।
- वेबसाइट पर दिखाई दे रहे Pay Without Registration पर क्लिक करें।
- स्टांप ड्यूटी पेमेंट का चुनाव करें।
- आवश्यक विवरण दर्ज करें और अमाउंट दर्ज करें।
- संपूर्ण जानकारी ध्यानपूर्वक दर्ज करें और कैप्चा कोड दर्ज कर सबमिट कर दें।
- इस प्रकार आप स्टांप ड्यूटी शुल्क का ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं।
महाराष्ट्र स्टांप ड्यूटी शुल्क का रिफंड कैसे लें?
यदि आप स्टांप शुल्क का रिफंड लेना चाहते हैं। तो इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए नीचे दी गई प्रक्रिया फॉलो करें।
- सर्वप्रथम IGR Maharashtra ऑफिशल पोर्टल पर विजिट करें।
- ऑफिशल वेबसाइट पर दिखाई दे रहे Stamp Duty Refund (Process) पर क्लिक करें।
- एक नया पेज ओपन होगा। यहां पर दिखाई दे रहे I understand पर टिक मार्क करें। और New Entry पर क्लिक करें।
- मोबाइल नंबर दर्ज करें। सत्यापन के लिए OTP दर्ज करें।
- टोकन नंबर दर्ज करें। यूजर नेम पासवर्ड दर्ज कर प्रक्रिया पूर्ण करें।
महाराष्ट्र स्टांप ड्यूटी एक्ट क्या है?
- आयकर एक्ट 80 C के तहत स्टांप शुल्क, उपकर/अधिभार और भुगतान किए गए पंजीकरण शुल्क के खिलाफ आयकर कटौती का लाभ अधिकतम 150000 लाख रुपए तक कर लाभ उठाया जा सकता है।
- भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की धारा 3 के तहत सरकार द्वारा निर्धारित रेडी रेकनर दर के आधार पर संपत्ति मूल्य का और स्टांप ड्यूटी शुल्क पंजीकरण शुल्क भुगतान करना अनिवार्य है।
- महाराष्ट्र स्टाम्प अधिनियम 2017 के अंतर्गत स्टांप ड्यूटी वापसी का प्रावधान किया गया है। स्टांप ड्यूटी को कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तुतियों में ही वापस किया जा सकता है जैसे:-
- संपत्ति रजिस्ट्रेशन में जिस व्यक्ति का हस्ताक्षर अनिवार्य है। यदि वह व्यक्ति मर चुका है या फिर हस्ताक्षर करने से मना कर रहे हैं। तो ऐसे में स्टांप ड्यूटी शुल्क को वापस किया जा सकता है।
- संपत्ति रजिस्ट्रेशन के दौरान किसी एक पक्ष द्वारा हस्ताक्षर के लिए मना किया जाना।
- आवश्यक नियम एवं शर्तों का उल्लंघन करना।
- मुख्य स्टांप ड्यूटी का मूल्य अपर्याप्त और अन्य स्टाम्प ड्यूटी को उपयोग में लाया जाना।
- ऐसे कारण जिनमें स्टाम्प फटा हो या पेपर में लिखित त्रुटियां एवं उपयोग हेतु अनुपयुक्त हो।
- स्टांप ड्यूटी पर हस्ताक्षर एवं प्रमाणित हस्ताक्षर का ना होना तथा आंशिक उद्देश्य को पुरा न करने की मंशा रखना।
- विशिष्ट राहत अधिनियम की धारा 31 के अनुसार अवैध लेनदेन पर स्टांप ड्यूटी रद्द किया जा सकता है।
- ऐसे मामले जहां पर लेनदेन के अवैध मामलों को अदालत द्वारा पहले से ही इनकार किया गया हो।
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FAQ’s महाराष्ट्र स्टाम्प ड्यूटी 2025 | महाराष्ट्र में स्टाम्प ड्यूटी और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन फीस चेक करें
Q. महाराष्ट्र में स्टांप ड्यूटी की वर्तमान दरें क्या हैं?
- मुंबई और उपनगरों में स्टांप ड्यूटी 5% है, अन्य शहरी क्षेत्रों में 6%, और ग्रामीण क्षेत्रों में 4% निर्धारित है।Q. प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन शुल्क कितना है?
- ₹30 लाख तक की संपत्ति पर 1% रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जाता है। ₹30 लाख से अधिक मूल्य की संपत्ति पर यह शुल्क ₹30,000 तक सीमित है।Q. क्या महामारी के बाद स्टांप ड्यूटी में कोई छूट है?
- महामारी के दौरान दी गई छूट समाप्त हो चुकी है। अब सामान्य दरें लागू हैं: मुंबई में 5% और अन्य शहरी क्षेत्रों में 6%।Q. स्टांप ड्यूटी शुल्क की गणना कैसे करें?
- IGR SARATHI पोर्टल पर जाकर स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर का उपयोग करें। वहां, संपत्ति के विवरण दर्ज कर शुल्क का अनुमान लगाया जा सकता है।Q. स्टांप ड्यूटी का ऑनलाइन भुगतान कैसे करें?
- महाराष्ट्र के GRAS पोर्टल पर बिना रजिस्ट्रेशन के भी स्टांप ड्यूटी का ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है।Q. क्या मुझे स्टांप ड्यूटी पर आयकर कटौती का लाभ मिल सकता है?
- हां, आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत, ₹1,50,000 तक की कटौती का लाभ लिया जा सकता है।Q. स्टांप ड्यूटी रिफंड कैसे प्राप्त करें?
- IGR Maharashtra पोर्टल पर स्टांप ड्यूटी रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह तभी संभव है जब कुछ विशेष परिस्थितियाँ मौजूद हों, जैसे पार्टियों द्वारा हस्ताक्षर से इनकार करना।Q. क्या महाराष्ट्र स्टांप अधिनियम में स्टांप ड्यूटी वापसी का प्रावधान है?
- हां, महाराष्ट्र स्टांप अधिनियम 2017 के अनुसार कुछ शर्तों के तहत स्टांप ड्यूटी वापसी की जा सकती है।Q. संपत्ति रजिस्ट्रेशन के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है?
- संपत्ति का सेल डीड, पहचान पत्र, पते का प्रमाण और फोटोग्राफ्स जरूरी होते हैं। क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुसार अन्य दस्तावेज़ भी मांगे जा सकते हैं।Q. क्या अवैध लेनदेन पर स्टांप ड्यूटी रद्द की जा सकती है?
- हां, विशिष्ट राहत अधिनियम की धारा 31 के तहत, अवैध लेनदेन में स्टांप ड्यूटी रद्द की जा सकती है।