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Stamp Duty in Haryana 2025 | हरियाणा में जमीन रजिस्ट्री पर देना होगा इतना स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क

Stamp Duty in Haryana 2025: यदि आप हरियाणा के किसी भी क्षेत्र में संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो संपत्ति का पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। पंजीकरण प्रक्रिया में स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क शामिल होते हैं। Haryana Stamp Duty के बारे में जानकारी रखना उन सभी के लिए आवश्यक है, जो संपत्ति का पंजीकरण करवा रहे हैं।

स्टांप ड्यूटी शुल्क की राशि उस क्षेत्र की निर्धारित सर्किल दरों (collector rates) पर आधारित होती है। यह दरें क्षेत्र, संपत्ति के प्रकार, और उपयोग के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। स्टांप ड्यूटी शुल्क की सही गणना कैसे करनी है, इसके लिए हमने विस्तृत प्रक्रिया इस लेख में दी है।

साथ ही, यह जानकारी आप अपने मोबाइल पर भी देख और समझ सकते हैं। चलिए, हरियाणा में स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को विस्तार से समझते हैं।

हरियाणा में स्टांप ड्यूटी शुल्क कितना है? (Stamp Duty in Haryana 2025)

हरियाणा में स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क की जानकारी प्राप्त करना अब बेहद आसान है। इस लेख में, हमने एक सारणी प्रदान की है जो राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति पंजीकरण के दौरान लगने वाले खर्च को विस्तार से समझाती है। इसमें स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क की दरें भी स्पष्ट की गई हैं।

हरियाणा राजस्व विभाग संपत्ति पंजीकरण के दौरान राजस्व कर वसूलता है, जिसे Stamp Duty के रूप में जाना जाता है। इसके अतिरिक्त, पंजीकरण शुल्क भी अलग से चुकाना होता है।

वर्तमान स्टांप ड्यूटी दरें:

  • शहरी क्षेत्र: 7%
  • ग्रामीण क्षेत्र: 5%
    महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीकरण कराने पर 2% की छूट दी जाती है। यानी:
  • शहरी क्षेत्र में महिलाओं के लिए: 5%
  • ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं के लिए: 3%

यह प्रोत्साहन योजना हरियाणा सरकार द्वारा महिलाओं को संपत्ति में भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से दी गई है।

Stamp Duty in Haryana 2025

लेख विषय स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क
राज्य हरियाणा
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हरियाणा जमाबंदी पोर्टल https://jamabandi.nic.in/

 

Stamp Duty in Haryana Charge 2025 | हरियाणा में जमीन रजिस्ट्री पर देना होगा इतना स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क

सम्पति पंजीकरण शुल्क की राशि स्टांप ड्यूटी शुल्क की दर एवं collector rates पर निर्भर करती है। जिस क्षेत्र का जमीन का सरकारी रेट कम होता है। उस क्षेत्र में स्टांप ड्यूटी राशि कम देनी होती है। दी गई सारणी को ध्यानपूर्वक देखें यहां पर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की संपत्ति पंजीकरण दरों को समझाया गया है:-

Area Male Female Both
City Area 7% 5% 6%
Village Area 5% 3% 4%

 

हरियाणा में रजिस्ट्री पर कितना खर्च आता है?

राज्य में किसी भी क्षेत्र की संपत्ति पंजीकरण के दौरान आने वाले खर्च को हम सूचीबद्ध कर रहे हैं। यह सभी शुल्क प्रॉपर्टी पंजीकरण के दौरान देने होते हैं। साथी इस सूची में पंजीकरण के दौरान आवश्यक दस्तावेज और शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में  इन दस्तावेजों पर लगने वाली दर को भी दिया गया है:-

Documents City Area Village Area
उपहार विलेख (Gift Deed) 5% 3%
बिक्री या वाहन विलेख (sale or conveyance deed) 7% 5%
विनिमय विलेख (exchange deed) संपत्ति मूल्य या बाजार मूल्य का 8%, जो भी अधिक हो संपत्ति मूल्य या बाजार मूल्य का 6%, जो भी अधिक हो
ऋण समझौता (loan agreement) 100 रुपये 100 रुपये
साझेदारी विलेख (partnership deed) 22.50 रुपये 22.50 रुपये
सामान्य वकालतनामा (general power of attorney) रु 300 रु 300
अटॉर्नी की विशेष अधिकार (special power of attorney) 100 रुपये 100 रुपये

 

Haryana Registry Charges | हरियाणा में रजिस्ट्री शुल्क कितना है?

जैसा कि आप जानते हैं, हरियाणा में पहले रजिस्ट्री फीस के रूप में ₹15000 लिए जाते थे। सरकार द्वारा 2018 में रजिस्ट्री शुल्क में संशोधन कर दिया गया और संपत्ति की कीमत के अनुसार निर्धारित कर दिया गया है जो अधिकतम 50000 तक हो सकती है।

सम्पति की कुल कीमत रजिस्ट्री शुल्क
50,000 रुपये तक 100 रुपये
रु. 50,001 से रु. 5 लाख 1,000 रुपये
5 लाख से 10 लाख रुपये 5,000
10 लाख से 20 लाख रु. 10,000
20 लाख से 25 लाख रु. 12,500
25 लाख रुपये 15,000 रुपये
25 लाख से 40 लाख 20,000 रुपये
40 लाख से 50 लाख रु. 25,000
50 लाख से 60 लाख रु 30,000
60 लाख से 70 लाख रु 35,000
70 लाख से 80 लाख रु 40,000
80 लाख से 90 लाख रु. 45,000
90 लाख रुपये से अधिक रुपये 50,000

 

Stamp Duty in Haryana शुल्क की गणना कैसे करें?

स्टांप ड्यूटी की गणना करने के लिए आप हरियाणा जमाबंदी की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग कर सकते हैं। इसकी सहायता से आप आसानी से संपत्ति के पंजीकरण से संबंधित खर्च का अनुमान लगा सकते हैं। स्टांप ड्यूटी की गणना करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:

  1. सबसे पहले हरियाणा जमाबंदी की ऑफिशल वेबसाइट पर जाएं।
  2. होमपेज पर दिख रहे “Property Registration” सेक्शन में जाएं।
  3. यहां पर “Stamp Duty Calculator” पर क्लिक करें।
  4. आप एक नई विंडो पर रीडायरेक्ट हो जाएंगे।
  5. इसमें संपत्ति की कुल कीमत दर्ज करें।
  6. Within MC (नगर निगम क्षेत्र) और Outside MC (नगर निगम क्षेत्र के बाहर) में से सही विकल्प चुनें।
  7. संपत्ति के मालिक के अनुसार Male या Female का चयन करें।
  8. Calculate पर क्लिक करें।

अब, आपको संपत्ति पंजीकरण के दौरान लगने वाली स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क की जानकारी तुरंत दिख जाएगी।
इसी प्रक्रिया का उपयोग करके आप हरियाणा के किसी भी क्षेत्र की स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

FAQ’s: Stamp Duty in Haryana 2025

  1. हरियाणा में संपत्ति खरीदने पर स्टांप ड्यूटी की वर्तमान दरें क्या हैं?
    • शहरी क्षेत्र: 7%
    • ग्रामीण क्षेत्र: 5%
    • महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीकरण कराने पर शहरी क्षेत्रों में 5% और ग्रामीण क्षेत्रों में 3% स्टांप ड्यूटी लगती है।
  2. स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क में क्या अंतर है?
    • स्टांप ड्यूटी संपत्ति के मूल्य पर एक कर है, जो राज्य सरकार को भुगतान किया जाता है।
    • पंजीकरण शुल्क संपत्ति को आधिकारिक रूप से पंजीकृत करने के लिए लिया जाता है।
  3. क्या महिलाओं को स्टांप ड्यूटी में छूट मिलती है?
    • हां, महिलाओं को संपत्ति पंजीकरण पर 2% की छूट मिलती है।
  4. संपत्ति पंजीकरण के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है?
    • संपत्ति के विक्रेता और खरीदार के पहचान प्रमाण,
    • संपत्ति के स्वामित्व का प्रमाण,
    • बिक्री विलेख (Sale Deed),
    • पैन कार्ड और फोटोग्राफ।
  5. स्टांप ड्यूटी की गणना कैसे करें?
    • आप हरियाणा जमाबंदी की वेबसाइट पर “Stamp Duty Calculator” का उपयोग कर सकते हैं। संपत्ति की कीमत और क्षेत्र के अनुसार ड्यूटी की गणना की जाती है।
  6. हरियाणा में संपत्ति पंजीकरण का न्यूनतम शुल्क क्या है?
    • संपत्ति की कुल कीमत 50,000 रुपये तक होने पर पंजीकरण शुल्क केवल 100 रुपये है।
  7. क्या स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क ऑनलाइन जमा किए जा सकते हैं?
    • हां, हरियाणा सरकार की आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से यह शुल्क ऑनलाइन जमा किया जा सकता है।
  8. संपत्ति की रजिस्ट्री में कितना समय लगता है?
    • आमतौर पर संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया 3-7 कार्यदिवस में पूरी हो जाती है।
  9. क्या स्टांप ड्यूटी सभी प्रकार की संपत्तियों पर लागू होती है?
    • हां, स्टांप ड्यूटी सभी प्रकार की संपत्तियों (आवासीय, वाणिज्यिक, और कृषि भूमि) पर लागू होती है।
  10. स्टांप ड्यूटी न भरने पर क्या होता है?
  • यदि स्टांप ड्यूटी का भुगतान नहीं किया गया, तो संपत्ति पंजीकरण अवैध माना जाएगा, और कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

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